मर्सिडीज में छिड़ी नई जंग: फॉर्मूला 1 को वापस मिला अपना खोया हुआ रोमांच
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मैकलारेन की बोरिंग स्ट्रेटेजी के बाद ताज़ी हवा का झोंका
पिछले साल, यानी 2025 में, मैकलारेन के ड्राइवर्स के बीच चैंपियनशिप की जो लड़ाई थी, वो किसी बोरिंग कॉरपोरेट मीटिंग जैसी लग रही थी। टीम पूरी तैयारी के साथ आई थी, लेकिन ऐसा लगता था जैसे उन्होंने कोई 100 पन्नों का लीगल डॉक्यूमेंट तैयार कर लिया हो ताकि ड्राइवर्स के बीच कोई असली टकराव न हो। पूरे साल कोई असली ड्रामा या टेंशन नहीं दिखी; बस पॉइंट्स का उबाऊ गणित और मैकलारेन की कुछ ऐसी बेवकूफाना गलतियां जो कोई भी चैंपियनशिप जीतने वाली टॉप टीम नहीं करना चाहेगी। हालत तो ये हो गई थी कि एक वक्त पर लगने लगा था कि इससे अच्छा तो धरती पर कोई उल्कापिंड गिर जाए और सबको इस टॉर्चर से मुक्ति मिल जाए—या सीधे शब्दों में कहें तो मैक्स वर्स्टापन ही एक बार फिर ड्राइवर्स चैंपियनशिप जीत लें।
लेकिन अब मर्सिडीज और उनके ड्राइवर्स को देखना ऐसा है जैसे रेगिस्तान में भटकते हुए किसी को अचानक मीठे पानी का झरना मिल गया हो और तब उसे एहसास हो कि वो कितनी बुरी तरह से प्यासा था। सच कहें तो अभी स्टैंडिंग्स में चैंपियनशिप की लड़ाई बहुत कांटे की नहीं है। मर्सिडीज के एक ड्राइवर ने पिछली चार रेस जीती हैं, लेकिन शायद यह वो नाम नहीं है जिसकी आपने सीजन शुरू होने से पहले उम्मीद की होगी। इस साल की शुरुआत का पूरा रोमांच प्री-सीजन की उम्मीदों के बिल्कुल उलट रहा है। 19 साल के युवा फेनोम (phenom) किमी एंटोनेली लगातार अपने सीनियर और इस साल के फेवरेट माने जा रहे जॉर्ज रसेल को मात दे रहे हैं। लेकिन इस रविवार कनाडाई ग्रां प्री ने आखिरकार उस सवाल का जवाब दे ही दिया जिसका सबको बेसब्री से इंतज़ार था: जब ये दोनों ट्रैक पर आमने-सामने होंगे, तो व्हील-टू-व्हील रेसिंग का नज़ारा कैसा होगा? जवाब साफ है: बहुत ही खतरनाक और कड़ा।
कनाडाई ग्रां प्री का वो चर्चित स्प्रिंट क्लैश
चूंकि कनाडाई ग्रां प्री इस साल के छह स्प्रिंट वीकेंड्स में से एक है, इसलिए शनिवार को ही रविवार की मेन रेस का एक तरह का ट्रेलर देखने को मिल गया। सर्किट गाइल्स विलेन्यूवे में मर्सिडीज का पूरी तरह से दबदबा था, लेकिन स्प्रिंट रेस ने ही इस राइवलरी की कुछ सबसे विवादित तस्वीरें पेश कीं। रसेल पोल पर थे और एंटोनेली बिल्कुल उनके पिछले विंग से चिपके हुए थे। किमी साफ तौर पर ज्यादा तेज़ लग रहे थे, लेकिन आगे निकलने का कोई साफ रास्ता नहीं मिल रहा था।
छठे लैप में टर्न 1 पर किमी ने बाहर की तरफ से रसेल को ओवरटेक करने की कोशिश की। दोनों के बीच हल्की सी टक्कर हुई और रसेल ने अपने जूनियर टीममेट को ट्रैक से बाहर धकेल दिया। किमी वापस तो आ गए, लेकिन वो पूरी तरह से झल्लाए हुए थे। उन्होंने टीम रेडियो पर इस मूव को “बहुत ही नॉटी” (शरारत भरा) बताया और इस बात पर अड़े रहे कि वो रसेल के बिल्कुल बराबर में थे। इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर लैंडो नौरिस दूसरे नंबर पर खिसक गए, जबकि किमी को रसेल से 1.8 सेकंड पीछे रहकर तीसरे नंबर पर ही संतोष करना पड़ा।
स्काई स्पोर्ट्स एफ1 के अपने पोस्ट-रेस कॉलम में दिग्गज मार्टिन ब्रंडल ने रसेल के बचाव में तर्क दिए। उनका मानना है कि रसेल ने वही किया जो जीत या चैंपियनशिप के लिए लड़ रहा कोई भी ड्राइवर करता। ब्रंडल ने लिखा, “जॉर्ज का गाड़ी पर बेहतर कंट्रोल था और ट्रैक पोज़िशन उनके हाथ में थी। हालांकि किमी थोड़े तेज़ लग रहे थे… लेकिन कोई भी सीनियर ड्राइवर अपने जूनियर को इतनी आसानी से जगह नहीं देने वाला था। हम में से कोई भी होता तो यही करता या इसी की उम्मीद करता।”
‘हेडमास्टर’ टोटो वोल्फ की नसीहत और हैमिल्टन-रोसबर्ग की यादें
हालांकि, ब्रंडल किमी के रवैये पर थोड़े सख्त नज़र आए। उन्होंने साफ कहा कि स्प्रिंट के दौरान किमी कुछ देर के लिए अपना आपा खो बैठे थे। लेकिन किमी भाग्यशाली हैं कि मुश्किल वक्त में उनके पास मर्सिडीज में एक बहुत ही मजबूत सपोर्ट सिस्टम है, जहां उन्हें रेस इंजीनियर पीटर बोनिंगटन (बोनो) और टोटो वोल्फ का साथ मिला है। ब्रंडल के मुताबिक, कोई और होता तो शायद रेस के बाद सीधे भिड़ने पहुंच जाता और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो जाता।
जब किमी रेडियो पर लगातार शिकायतें कर रहे थे, तब टीम के ‘हेडमास्टर’ टोटो वोल्फ को खुद बीच-बचाव करना पड़ा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “प्लीज अपनी ड्राइविंग पर फोकस करो, रेडियो पर रोने पर नहीं।” इस पूरी घटना ने टोटो को यकीनन लुईस हैमिल्टन और निको रोसबर्ग के उस कुख्यात और कड़वे दौर की याद दिला दी होगी। लेकिन रेस से पहले बंद कमरों में जो भी बातें हुई हों, उसने रविवार के तमाशे और रोमांच को कम नहीं किया। दर्शक इस शानदार रेसिंग के लिए सिर्फ शुक्रगुज़ार हो सकते हैं।
रविवार की रेस: रसेल की बदकिस्मती और किमी की वापसी
रविवार की मेन ग्रां प्री किमी के लिए एक तरह से वापसी और खुद को साबित करने का मौका थी। फ्रंट रो से शुरुआत करते हुए उन्होंने रसेल को कड़ी टक्कर दी और ओपनिंग फेज़ में ही दोनों ने बाकी ग्रिड को पांच सेकंड से ज्यादा पीछे छोड़ दिया। दोनों के बीच लीड की लगातार अदला-बदली होती रही।
लेकिन लैप 30 के आसपास, लीड कर रहे रसेल की किस्मत ने उनका साथ छोड़ दिया और उनकी गाड़ी में बैटरी फेलियर हो गया। रसेल के बाहर होने से किमी का रास्ता एकदम साफ हो गया और उन्होंने लुईस हैमिल्टन को 10 सेकंड के बड़े अंतर से हराते हुए एक शानदार और आरामदायक जीत दर्ज की।