5 फ़रवरी 2026

विमानन जगत में सुरक्षा पर सवाल: एयर इंडिया और अन्य उड़ानों में तकनीकी खामियों और हादसों का सिलसिला

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हवा में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों में तकनीकी दिक्कतों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा घटनाक्रम में हांगकांग से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI315 को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। बताया जा रहा है कि उड़ान भरते ही पायलट को विमान में कुछ तकनीकी गड़बड़ी का अहसास हुआ, जिसके बाद एहतियातन फ्लाइट को वापस हांगकांग एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। राहत की बात यह रही कि विमान की सुरक्षित लैंडिंग हो गई और सभी यात्रियों को इमरजेंसी गेट के जरिए सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उड्डयन मंत्रालय ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए तुरंत जांच रिपोर्ट तलब की है और एयर इंडिया ने भी आंतरिक जांच के आदेश दे दिए हैं।

बोइंग 787 के फ्यूल स्विच पर बढ़ा विवाद

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब एयर इंडिया पहले से ही अपने बोइंग 787 बेड़े की गहन जांच में जुटी हुई है। हाल ही में, एक पायलट ने विमान के ‘फ्यूल कंट्रोल स्विच’ (Fuel Control Switch) में संभावित खराबी की शिकायत की थी, जिसके बाद सोमवार को उस विमान को उड़ान भरने से रोक दिया गया था। एयर इंडिया के प्रवक्ता के अनुसार, पायलट की रिपोर्ट मिलने के बाद डीजीसीए (DGCA) को सूचित किया गया और एहतियात के तौर पर पूरे बेड़े के फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच पूरी कर ली गई है, जिसमें कोई अन्य समस्या नहीं मिली।

हालांकि, फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) के अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि यह तीसरी ऐसी घटना है जब बोइंग 787 में फ्यूल स्विच अपनी जगह से बिना किसी कमांड के हिल गया। दूसरी ओर, डीजीसीए ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि 1 जनवरी को हुई दो घटनाओं की जांच में पाया गया कि स्विच में कोई यांत्रिक खराबी नहीं थी, बल्कि बाहरी बल के गलत दिशा में प्रयोग के कारण स्विच ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ मोड पर चला गया था। एयरलाइन अब मूल उपकरण निर्माता (OEM) के साथ मिलकर इस समस्या की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।

लुफ्थांसा और सऊदी एयरलाइंस की उड़ानों में भी हड़कंप

विमानन क्षेत्र में मची इस खलबली के बीच विदेशी एयरलाइंस भी अछूती नहीं हैं। कल शाम जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से हैदराबाद आ रही लुफ्थांसा एयरलाइंस की फ्लाइट को भारतीय वायुक्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही वापस लौटना पड़ा। सुरक्षा एजेंसियों को फ्लाइट में बम होने की धमकी मिली थी, जिसके चलते हैदराबाद एयरपोर्ट ने विमान को उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। पायलट ने विमान को वापस फ्रैंकफर्ट की ओर मोड़ा, जहाँ उसकी सुरक्षित लैंडिंग हुई। इस मामले में जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।

वहीं, लखनऊ एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा टल गया। सऊदी एयरलाइंस का एक विमान 250 हज यात्रियों को लेकर जेद्दा से आया था। जैसे ही विमान रनवे पर उतरा, उसके पहियों से चिंगारी और धुआं निकलता देखा गया। एयरपोर्ट पर मौजूद दमकल विभाग ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पा लिया, जिससे सभी यात्री बाल-बाल बच गए।

अहमदाबाद में हुआ था भयावह हादसा

मौजूदा घटनाओं ने देश को 12 जून को हुए उस दर्दनाक हादसे की याद दिला दी है, जिसने हर किसी को झकझोर दिया था। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर एयर इंडिया का एक विमान उड़ान भरते समय एक इमारत से टकराकर क्रैश हो गया था। उस मनहूस दिन विमान में 242 लोग सवार थे। आंकड़ों के मुताबिक, इस भीषण त्रासदी में 274 लोगों की जान चली गई, जिसमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का नाम भी मृतकों की सूची में शामिल बताया गया। फिलहाल शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया चल रही है ताकि उन्हें परिजनों को सौंपा जा सके। इन लगातार हो रही घटनाओं ने हवाई सफर की सुरक्षा को लेकर एक व्यापक बहस छेड़ दी है।